दिला दो भीख दर्शन की
प्रभु तेरा भिखारी हूँ लिरिक्स
दिला दो भीख दर्शन की ,
प्रभु तेरा भिखारी हूँ।
चलकर दूर देशों से ,
तेरे दरबार में आया ,
खड़ा हूँ द्वार पर दिल में ,
तेरी आशा का धारी हूँ ,
दिला दो भीख दर्शन की ,
प्रभु तेरा भिखारी हूँ।
घिरा संसार चक्कर में ,
भटकता रात- दिन व्यर्थ ,
बिना दीदार के तेरे ,
हमेशा मैं दुखारी हूँ ,
दिला दो भीख दर्शन की ,
प्रभु तेरा भिखारी हूँ।
तू ही माता - पिता बन्धु ,
तू ही मेरा सहायक है ,
तेरे दासन के दासों का ,
चरण का सेवकारी हूँ ,
दिला दो भीख दर्शन की ,
प्रभु तेरा भिखारी हूँ।
भरा हूँ पाप- दोषन से ,
क्षमा करो भूल को मेरी ,
वो ब्रह्मानन्द सुन विनती ,
शरण में मैं तिहारी हूँ ,
दिला दो भीख दर्शन की ,
प्रभु तेरा भिखारी हूँ।

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