कृष्ण गोबिन्द गोपाल गाते चल
कृष्ण गोबिन्द गोपाल गाते चल ,
मन के विषयों के विष से बचाते चलो।
देखना इन्द्रियों के न घोड़े भगे ,
रात - दिन इन को संयम के कोड़े लगे ,
अपने रथ को सुमार्ग चलाते रहो ,
कृष्ण गोबिन्द गोपाल गाते चल ,
मन के विषयों के विष से बचाते चलो।
FOR DOWNLOAD
प्राण जाये मगर नाम भूलो नहीं ,
दुःख में तड्पों नहीं , सुख में फूलो नहीं ,
नाम धन का खजाना बढ़ाते चलो ,
कृष्ण गोबिन्द गोपाल गाते चल ,
मन के विषयों के विष से बचाते चलो।
नाम जपते रहो , काम करते रहो ,
पाप की वासनाओं से डरते रहो ,
प्रेम - भक्ति के आंसू बहाते चलो ,
कृष्ण गोबिन्द गोपाल गाते चल ,
मन के विषयों के विष से बचाते चलो।
ख्याल आएगा उसको कभी न कभी ,
दास पायेगा उस की कभी न कभी ,
ऐसा विश्वास मन में जगाते रहो ,
कृष्ण गोबिन्द गोपाल गाते चल ,
मन के विषयों के विष से बचाते चलो।
हरे कृष्णा हरे कृष्णा , कृष्णा कृष्णा हरे हरे।
हरे रामा हरे रामा , रामा रामा हरे हरे।।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें