पहले मनाओ गणपति जी को
कभी अपने गणेश को भी ,
याद कर लिया करो ,
सबके बिगड़े काम मैं बनाता हूँ।
फिर भी मुझे याद कोई नहीं करता।
ये बुद्धि के देवता सद्बुद्धि देते है ,
सुख शांति और समृद्धि देते है।
हर मंगल काम और देवी-देवताओं की पूजा से पहले भगवान गणेश जी की पूजा की जाती है। इसलिए, श्रीगणेश को प्रथम पूज्य भी कहा जाता है। ग्रंथों में भगवान गणेश के प्रथम पूज्य होने के कारण अलग-अलग हैं, लेकिन सभी ग्रंथों ने उन्हें सबसे पहले पूजे जाने वाला देवता ही कहा है।
अधिकतर लोग किसी शुभ काम को शुरू करने से पहले संकल्प करते हैं और गणेश जी को याद करते है। कुछ लोग शुभारंभ करते समय सर्वप्रथम श्रीगणेशाय नम: लिखते हैं। किसी पूजा , अराधना , अनुष्ठान और कार्य में कोई विघन - बाधा न आये , इसलिए सरवप्रथम गणेश - पूजा करके उसकी कृपा प्रायपत की जाती है।
ब्रह्मा जी आये विरान जी ,
आये नाल आई रिद्धि - सीधी जी आनंद होवे।
पहले मनाओ गणपति जी आनंद ,
राम जी आये लक्षण जी आये।
नाल आई सिया माता जी आनंद होवे।
पहले मनाओ गणपति जी ,
श्याम जी आये बलराम जी आये।
नाल आई राधा प्यारी जी आनंद ,
पहले मनाओ गणपति जी आनंद।
नारद जी आये वीणा बजाये ,
नाल आई सरस्वती जी आनंद होवे।
पहले मनाओ गणपति जी परंदे होवे ,
शंकर जी आये डमरू बजाए नाल।
साई प्रावती जी आनंद होवे ,
पहले मनाओ गणपति जी आनंद होवे।
गणेश जी की आरती हिंदी में
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे,
मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,
संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत,
निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,
पिता महादेवा ॥
ध्यान करते हुए भगवान गणेश की मूर्ति होम डेकॉर, कार डैशबोर्ड के लिए, मल्टीकलर

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