कर लईये माँ पूत गल्लाँ
हो जाओ तैयार माँ के नवरात्रे आये ,
सज़ा लो सभी अपने मंदिर और दरबार।
माता के शुभ चरणों की आहट से ,
गूंज उठा सारा संसार माँ के नवरात्रे आए।
आजा अम्बिके , आजा अम्बिके ,
आजा अम्बिके , आजा अम्बिके ,
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पुत्त गलां।
ज़माने कोलों लुक चुप के ,
ज़माने कोलों लुक चुप के ,
किसे नु नीं दसनी, किसे नु नीं दसनी ,
किसे नु नीं माँ , जय हो , जय हो ,
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
चल माईए चल पर्वत उत्ते ,
चल माईए चल पर्वत उत्ते ,
पर्वत उत्ते शीतल रुते
पर्वत उत्ते शीतल रुते ,
पत्थरां उत्ते बह लेईए ,
अपनी अपनी कह लइये ,
किसे नु नीं दसनी ,किसे नु नीं दसनी ,
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
चल माईए चल बोडी कंडे ,
जित्थे कुदरत अमृत वंडे ,
जित्थे कुदरत अमृत वंडे ,
सारी थकावट ले जाएगी ,
ठण्ड कलेजे पे जाएगी ,
किसे नूं नीं दसनी माँ , किसे नूं नीं दसनी,
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
चल चलिए माँ गुफा दे अन्दर ,
चल चलिए माँ गुफा दे अन्दर ,
जिस था तेरा सोहणा मंदिर ,
जिस था तेरा सोहना मंदिर ,
चोला बसंती रंग लवांगा ,
नाम दी मस्ती मांग लवांगा ,
किसे नु नीं दसनी माँ , किसे नु नीं दसनी ,
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
चल माईए जित्थे कोई न आवे ,
चल माईए जित्थे कोई न आवे ,
शीशे विच कोई फेर न पावे ,
शीशे विच कोई फेर न पावे ,
देख के कोई होंका भरे न ,
तेथों मैंनु दूर करे न ,
किसे नु नीं दसनी माँ , किसे नु नीं दसनी ,
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
आजा अम्बिके कर लेइए माँ पूत गलां।
जय माता दी जय माता दी
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें