जाईं जाईं वे कबूतर जाईं वे
नवरात्रे आए नवरात्रे आए ,
देवी माँ के नवरात्रे आए ,
देवी माँ के अवतार है नौ ,
करो भक्ति और अराधना ,
पूरी करती हर अरदास माँ ,
जय माता दी।
जाईं जाईं वे कबूतरा जाईं वे ,
शेरां वाली दे भवन ते जाईं वे ,
जाईं जाईं वे कबूतरा जाईं वे ,
शेरां वाली दे भवन ते जाईं वे।
असी दूर खड़े मजबूर बड़े ,
असी दूर खड़े मजबूर बड़े ,
साड़ा माँ नू हाल सुनाई वे ,
जाईं - जाईं वे कबूतरा ,
जाईं - जाईं वे कबूतरा।
जोतां वालीए जगदी जोत तेरी ,
मेरे घर विच दीपक जगया न ,
ममता दे अभागे बूटे नूं फल कोई ख़ुशी दा लगया न ,
ममता दे अभागे बूटे नूं फल कोई ख़ुशी दा लगया न ,
गल दिले दी माँ नूं कहीं खुल के ,
गल दिल दी माँ नूं कहीं खुल के ,
रता झिजकी न घबराई वे ,
जाईं जाईं वे कबूतरा ,
जाईं जाईं वे कबूतरा।
असीं सुखना सुख - सुख हार गए ,
कोई सुखना पूरी होई नहीं ,
कोई सुखना पूरी होई नहीं ,
दौलत दे तं घर विच ढेर ने माँ , पर
उसदा बारस कोई नहीं ,
बाहवां दे झोले तरस रहे ,
बाहवां दे झूले तरस रहे ,
कुछ रोके तरले पाई वें ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा।
इकना दे घर विच कई - कई माँ ,
इकना दे बेडे इक नईओ ,
इकना दे वेडे इक नइओ ,
तेरी मेहर ते निर्भर ए नेमत ,
कोई विच दीवारी नहीं विक नईयो,
कोई विच दीवारी नहीं विक नईयो ,
निर्दोष माँ भूल - चूक माफ़ करे ,
निर्दोष माँ भूल - चूक माफ़ करे ,
जे रूसी ए उसनूं मनाई वें ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा ,
असीं दूर खड़े मजबूर बड़े
साडा माँ नूं हाल सुनाई वें ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा ,
जाईं - जाईं वें कबूतरा।
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