Jab Koi Takleef Sataye - Jab Man Ghabraye Lyrics In Hindi
जब कोई तकलीफ सताए - जब मन घबराये लिरिक्स इन हिंदी
जब कोई तकलीफ सताये ,
जब - जब मन घबराता है।
जब कोई तकलीफ सताये ,
जब - जब मन घबराता है।
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया ,
सर पे हाथ फिराता है।
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया ,
सर पे हाथ फिराता है।
लोग ये समझें , मैं हु अकेला ,
पर मेरे साथ कन्हैया है।
लोग ये समझें , मैं हु अकेला ,
मेरे साथ कन्हैया है।
लोग ये समझें , डूब रहा हूँ ,
पर चल रही मेरी नैया है ,
लोग ये समझें , डूब रहा हूँ ,
पर चल रही मेरी मेरी नैया है।
जब - जब लहरें आती है ,
ये खुद पतवार चलाता है।
जब - जब लहरें आती है ,
ये खुद पतवार चलाता है।
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया ,
सर पे हाथ फिराता है।
जिस के आंसू , कोई ना पोंछे ,
कोई ना जिसको प्यार करे।
जिस के आंसू , कोई ना पोंछे ,
कोई ना जिसको प्यार करे।
जिसके साथ , ये दुनिया वाले ,
मतलब का भवहार करें।
दुनिया जिसको ठुकराए ,
उसे पलकों पे ये बिठाता है।
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया ,
सर पे हाथ फिराता है।
प्रेम की डोरी , बंधी श्याम से ,
जैसे दीपक बाती है।
प्रेम की डोरी , बंधी श्याम से ,
जैसे दीपक बाती है।
कदम - कदम पर रक्षा करता ,
ये दुःख सुख का साथी है।
भक्तों जब रस्ता न सूझे ,
तब प्रेम का दीपक जलाता है।
मेरे सिरहाने खड़ा कन्हैया ,
सर पे हाथ फिराता है।
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