बिगड़ी बनाना तेरा काम है
मेरा माँ कुछ भी नहीं है , जो है तेरा है माँ ,
तेरी मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता माँ ,
' चंचल ' जिहवा , तेरा ही गुणगान करती माँ ,
दर्श देके तू भक्तों की लाज बचाती माँ ,
जय माता दी
माँ तेरे दर पे आना मेरा काम है ,
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है ,
दर पे सर को झुकाना मेरा काम है ,
और गले से लगाना तेरा काम है।
माँ तेरे दर पे आना मेरा काम है।
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है।
माँ तेरे दर पे आना कोई आसां नहीं ,
कैसे आए तू जिसपे मेहरबाँ नहीं ,
कैसे आए तू जिसपे मेहरबाँ नहीं ,
सिर्फ चलना चलाना मेरा काम है ,
सिर्फ चलना चलाना मेरा काम है ,
अपने दर तक पहुँचाना तेरा काम है।
माँ तेरे दर पे आना मेरा काम है।
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है।
बिन तेरे कोई कुछ , कर- करा न सके ए ए ,
एक तिनका भी कोई हिला न सके ,
एक तिनका भी कोई हिला न सके ,
हाथ ही सिर्फ हिलाना मेरा काम है ,
हाथ ही सिर्फ हिलाना मेरा काम है ,
काम करना कराना तेरा काम है।
माँ तेरे दर पे आना मेरा काम है।
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है।
माँ सभी को ही तू दे रही दात है ए ए ,
तेरे आगे किसी की क्या औकात है ,
तेरे आगे किसीकी क्या औकात है ,
सिर्फ दामन फैलाना मेरा काम है ,
दात देना दिलाना तेरा काम है ,
माँ तेरे दर पर आना मेरा काम है ,
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है।
माँ वियोगी का तन- मन तेरे साथ है ए ए ए ,
मेरे जीवन की डोरी तेरे हाथ है ,
मेरे जीवन की डोरी तेरे हाथ है ,
जागरण में तो गाना मेरा काम है ,
जागरण में तो गाना मेरा काम है ,
और मेरा रंग जमाना तेरा काम है ,
माँ तेरे दर पर आना मेरा काम है ,
मेरी बिगड़ी बनाना तेरा काम है।
दर पे सर को झुकाना मेरा काम है,
और गले लगाना तेरा काम है।
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