गणपति वन्दना
आओ गणपति जी आन पधारो कीर्तन की सब तैयारी है ,
आओ आओ गणपति आओ हमको बाट तुम्हारी है।
माथे तेरे तिलक बिराजे - गल फूलों की माला ,
लम्बोदर कहलाते हो तुम - तेरा रूप निराला है।
लम्बोदर कहलाते हो तुम - मूसे की सवारी है।
पिता तुम्हारे भोले शंकर - गोरां तुम्हारी माता है ,
सुना तुम्हारे द्वार से कोई - खाली हाथ न जाता है।
तुमने सब भक्तों को तारा - आज हमारी बारी है।
भक्तों की तो विनती सुन लो गणपति प्यारो आयो है,
जय - जयकार करो गणपति की सबको मन हर्षाये है ,
बरसेगा अब रस भक्तों में मंडल महिमा गायो हैं।।
आओ आओ गणपति आओ हमको बाट तुम्हारी है।